अवलोकन
यह एक नॉन-लेथल (non-lethal) रिपेलेंट सिस्टम है जो पकड़ने या मारने की बजाय प्रकाश और ध्वनि के माध्यम से पक्षियों और जानवरों को भगाता है। लक्ष्य और समय के अनुसार उपकरणों को अलग-अलग वर्गीकृत किया गया है — रात में जानवरों (हिरण, जंगली सूअर, भालू) के लिए LED प्रकाश और उच्च-आवृत्ति ध्वनि, तथा दिन में पक्षियों (कौआ, कूट आदि) के लिए श्रव्य से लेकर अल्ट्रासोनिक रेंज तक की प्रतिकर्षक ध्वनियों का उपयोग किया जाता है। यह डिज़ाइन ऑटोमोबाइल असिस्ट फ़ंक्शन और सेंसर नियंत्रण में विकसित इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण तकनीक पर आधारित है। ऐसे खुले स्थानों पर भी स्थापना संभव है जहाँ बाड़ या गेट लगाना संभव नहीं — जैसे नगर निगम या ग्राम पंचायत की सड़कें।
तकनीकी विशेषताएँ
- नॉन-लेथल रिपेलेंट दृष्टिकोण: पकड़ने या मारने के बिना, प्रकाश और ध्वनि से व्यवहार को नियंत्रित करना। पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालने वाला पक्षी-पशु हानि-निवारण उपाय।
- रात्रिकालीन उपकरण (जानवरों के लिए): LED प्रकाश और उच्च-आवृत्ति ध्वनि के संयुक्त उत्तेजना से हिरण, जंगली सूअर और भालू को भगाना। बाड़ व गेट के विकल्प के रूप में नगर निगम व ग्राम पंचायत सड़कों जैसे खुले स्थानों पर स्थापना।
- दिवाकालीन उपकरण (पक्षियों के लिए): श्रव्य से अल्ट्रासोनिक रेंज तक की प्रतिकर्षक ध्वनि से कौआ, कूट आदि पक्षियों पर नियंत्रण। देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित।
- ऑटोमोबाइल तकनीक का अनुप्रयोग: वाहनों के असिस्ट फ़ंक्शन और सेंसर नियंत्रण में अर्जित इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण तकनीक को रिपेलेंट उपकरण में रूपांतरित किया गया।
- पेटेंट प्राप्त रिपेलेंट विधि: प्रकाश और ध्वनि के संयोजन पर आधारित प्रतिकर्षक तकनीक पेटेंट प्राप्त है।
ड्रोन सर्वेक्षण के साथ एकीकरण
- हानिकारक पक्षियों और जानवरों के आवास सर्वेक्षण, खदेड़ने और प्रकटन-दमन के लिए ड्रोन का उपयोग।
- Mavic 2 Enterprise Advanced और Matrice 30T मॉडल का उपयोग।
- राष्ट्रीय योग्यता प्राप्त ड्रोन पायलट और शिकार लाइसेंस धारक विशेषज्ञ उपलब्ध।
- सर्वेक्षण से प्राप्त प्रकटन डेटा के आधार पर रिपेलेंट उपकरणों की स्थापना और संचालन की योजना तैयार की जाती है।
अनुमानित उपयोग व अनुप्रयोग क्षेत्र
- कृषि भूमि व फलोद्यानों में पशु क्षति (हिरण, जंगली सूअर, भालू) की रोकथाम।
- नगर निगम व ग्राम पंचायत सड़कों जैसे खुले स्थानों पर जहाँ बाड़ या गेट नहीं लग सकते, वहाँ जानवरों की घुसपैठ रोकना।
- कृषि जलाशयों, धान के खेतों और जलाशय क्षेत्रों में पक्षी (कौआ, कूट आदि) नियंत्रण।
- ऐसे वातावरण में नॉन-लेथल पक्षी-पशु हानि-निवारण जहाँ पकड़ने या उन्मूलन से बचना वांछनीय हो।
मुख्य संरचना व विशेषताएँ
- लक्ष्य-आधारित उपकरण: रात्रिकालीन (जानवर · LED प्रकाश + उच्च-आवृत्ति ध्वनि) / दिवाकालीन (पक्षी · श्रव्य से अल्ट्रासोनिक)
- विधि: नॉन-लेथल प्रकाश व ध्वनि प्रतिकर्षण (पेटेंट प्राप्त)
- तकनीकी आधार: ऑटोमोबाइल असिस्ट फ़ंक्शन व सेंसर नियंत्रण तकनीक का अनुप्रयोग
- सर्वेक्षण एकीकरण: ड्रोन द्वारा आवास सर्वेक्षण, खदेड़ना और प्रकटन-दमन
- स्थापना: बाड़ व गेट रहित खुले स्थानों पर भी स्थापना योग्य
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